: यक्षिणी साधना, षट्कर्म (शांति, वशीकरण, स्तम्भन, विद्वेषण, उच्चाटन, मारण), रोगों का उपचार और शत्रुओं पर नियंत्रण।
इस ग्रंथ के में यक्षिणी साधना का अत्यंत विस्तार से वर्णन किया गया है, जो अन्य किसी भी तांत्रिक ग्रंथ में मिलना कठिन है। यक्षिणियाँ कुबेर की सेविकाएं मानी जाती हैं और साधक को धन, दीर्घायु, और अलौकिक शक्तियां प्रदान कर सकती हैं। uddamareshvara tantra in hindi pdf repack exclusive
यदि आप (Uddamareshvara Tantra Hindi PDF) की तलाश में हैं, तो यहाँ इस प्राचीन ग्रंथ की विशेषताओं, अध्यायों और साधना पद्धतियों का विस्तृत विवरण दिया गया है। : यक्षिणी साधना
: खजाना प्राप्त करने और शत्रुओं को स्तंभित करने की शक्ति देती है। uddamareshvara tantra in hindi pdf repack exclusive
उद्दामेश्वर तंत्र को तांत्रिक साहित्य में एक 'क्रियात्मक ग्रंथ' माना जाता है, जिसका अर्थ है कि यह केवल दार्शनिक सिद्धांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साधनाओं के व्यावहारिक प्रयोग दिए गए हैं।